कुछ मस्‍से HPV वायरस यानी पेपीलोमा वायरस संक्रमण की वजह से होते हैं। इन्‍हें मेडीकल भाषा में warts कहा जाता है।

यह वायरस स्किन में छोटे कट के जरिए प्रवेश करता है। यह शरी में प्रवेश के 2 से 6 महीने के बाद मस्‍से के रूप में दिखने लगता है।

इससे स्किन मोटी और सख्‍त हो जाती है। अगर कोई व्‍यक्ति इस वायरस की चपेट में है और वह दूसरे इंसान के संपर्क में आता है तो उसे भी एचपीवी वायरस हो सकता है।

जब भी वॉडी की इम्‍यूनिटी कमजोर होगी, यह वायरस एक्टिव होगा, जिनकी इम्‍यूनिटी स्‍ट्रांग है उन्‍हे इस वायरस से डरने की जरूरत नहीं।

कुछ मस्‍से संक्रमण की वजह से हाथ और पैरों पर हो जाते हैं जिन्‍हें प्‍लांटर या पामर्स कहते हैं। यह स्किन में काफी डीप होते हैं, कुछ लोग इन्‍हें कॉर्न समझते हैं।

HPV वायरस शरीर में सेक्‍शुअल ट्रांसमिटिड डिजीज की वजह से भी प्रवेश करता है। यह असुरक्षित यौन संबंध बनाने से होता है। इसमें महिला के प्रायवेट पार्ट्स पर मस्‍से हो जाते हैं।