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कहीं आप भी एक्जिमा (ECZEMAA) से परेशान हैं?

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एक्जिमा-

त्‍वचा के रोगों में यह बहुतायत से पाया जाने वाला रोग है। मनुष्‍य में प्रकृतिगत दोष-साेरा दोष पाया जाता है जिसके कारण यह होता है। खानपान की गडबडी इसका मुख्‍य कारण होता है। वर्तमान में तमाम तरह के केमिकल्‍स व रासायनिक खादें फसलों में प्रयोग की जाने लगी है और इसी से इस रोग में भी वृद्धि होने लगी है। 100 में 70 रोगी किसी न किसी चर्मरोग से पीडित होते हैं व उसका 50 प्रतिशत अकौता, पामा या छाजन से पीडित होता है।

अजीर्ण, मांसाहार, डायबिटीज, गुर्दे के रोग, गठिया, गर्म माैैैसम आदि के कारण भी यह रोग होता है। भिन्‍न भिन्‍न व्‍यवसाय, काम धंधो का रहन सहन भी इसका कारण बन सकता है। जैंसे कि राज मजदूर, धोबी आदि के काम से या त्‍वचा को ज्‍यादा रगडने से इस रोग का प्रारम्‍भ हो सकता है।

Eczema के लक्षण-

तीव्र खुजली, त्‍वचा से श्राव निकलना, जोकि पानी जैसा या गोंद सा गाढा चिपकने वाला कैंसा भी हो सकता है। यह सब होते हुए भी इंसान में सोरा दोष तो होना चाहिए तभी यह रोग होगा। एक्जिमा शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है। स्‍त्री पुरूष के जननांग में भी हो सकता है। जहां यह अत्‍यंत दुख दे सकता है।

एक्जिमा का इलाज- ECZEMAA-REPL 40

एक्जिमा के रोगी को दवा प्रयोग के साथ ही अपने आहार पर भी ध्‍यान देना चाहिए। खाने में गाजर व पालक का रस या सूप नियमित शामिल करना चाहिए। यह दवा सूखे या बहने वाले शरीर के किसी भी के एक्जिमा पर बेहतर प्रभाव डालती है।

उपयोग विधि-

10 से 15 बूंद दवा एक चौथाई कप पानी में मिलाकर दिन में 3 से 4 बार रोगी की नवीन स्थिति में व जीर्ण या तीक्ष्‍ण स्थिति में यही मात्रा 5 से 6 बार कम से कम 3 माह से 6 माह तक अथव हौम्‍योपैथिक चिकित्‍सक के निर्देशानुसार लें।

कहीं आप भी एक्जिमा (ECZEMAA) से परेशान हैं?  यह आयुुुुुर्वेद दवा आपकी परेशानी को दूर कर सकती है।

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